Udaipur। तेरापंथ युवक परिषद की ओर से जुलाई और अगस्त में जन्मदिन वाले बच्चों सहित करीब 108 समाजजनों का सामूहिक जन्मोत्सव तुलसी आर्ट गैलरी में मनाया गया।

साध्वी श्री गुणमाला ने भी प्रेरक पाथेय प्रदान किया। उन्होंने कहा कि किसी कुल में जन्म लेना नियति होती है लेकिन उस कुल का नाम करना और ऊपर उठकर जीना निश्चय ही गर्व है।
अभातेयुप के जैन संस्कार विधि के राष्ट्रीय प्रभारी अभिषेक पोखरना ने बताया कि सबसे पहले देश भर में जैन संस्कार विधि से देश भर में दिवाली पूजन किया गया। फिर जन्मोत्सव को सामूहिक जन्मोत्सव का रूप देकर यह आयोजन किया गया। हमने बच्चों को पहले वर्ष से यह संस्कार देने का प्रयास किया है। जन्मदिन आपका और तैयारी 5 दिन से तेयुप कार्यकर्ता कर रहे हैं।

तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष विनोद चंडालिया ने स्वागत उदबोधन में कहा कि यह पहली बार आयोजन हो रहा है। जैन विधि से इसलिए मनाया जाता है कि जहां जीवन है, वहां अनेक समस्याएं भी हैं। उनसे छुटकारा पाने के लिए कई उपाय भी हैं। यह उपाय भी उन्हीं में से एक है।
सभाध्यक्ष सूर्यप्रकाश मेहता ने आयोजन को अच्छी शुरुआत बताते हुए कहा कि होटलों में मनाने से ज्यादा अच्छा है कि जैन विधि से सामूहिक जन्मोत्सव मनाएं।
तेयुप की ओर से सभी को गिफ्ट और प्रमाण पत्र प्रदान किये गए।


कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र से हुई। मनोज लोढ़ा ने मंगलाचरण किया। संचालन पंकज भंडारी ने किया।
पन्नालाल, लोकेश हरकावत के सहयोग से आयोजन हुआ। आभार पीयूष जारोली ने जताया।

विधि के तहत बाजोट पट लाल कपड़े पर अक्षत से स्वस्तिक, नाम और वर्ष लिखकर आपस में मौली बांधी गयी। फिर मंत्रोच्चार किये गए।

जैन समाचार देने के लिए jainnewsviews@gmail.com पर ईमेल करे !


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *