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उलझना-सुलझना दोनों व्यक्ति के स्वयं के चिंतन पर निर्भर है : जैन संत डॉ.पदममुनि
नागौर. जयमल जैन पौषधशाला में प्रवचन सुनते श्रावक-श्राविकाएं जैन संत डॉ.पदममुनि महाराज ने कहा कि व्यक्ति अपने लिए दो प्रकार के वातावरण का...
4 Digambar Diksha at Hiran Magri Sector - Udaipur
उदयपुर - राजस्थान आदिनाथ दिगम्बर चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा 15 अगस्त को आचार्य वैराग्यनंदी व आचार्य सुंदर सागर महाराज के सानिध्य में हिरन...


तप व साधना को देखकर देवता भी नतमस्तक होते हैं : आचार्य पुष्पदंतसागरजी
जैन धर्म में पद से ज्यादा महत्वपूर्ण तप व साधना हुआ करती है। जिसे देखकर मनुष्य क्या देवता भी नतमस्तक होते हैं। मुनिश्री प्रसन्नसागरजी की...


समय का जो सम्मान करता है समय उसका सम्मान करवाता है : आचार्य ज्ञान सागर
राजस्थान - भिवाड़ी - तिजारा चंद्रप्रभु दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र तिजारा पर आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए आचार्य ज्ञान सागर ने कहा कि...


जरूरतमंद मरीजों की सेवाएंं करना अपना धर्म मानते हैं विपन जैन
पंजाब ⁄ लुधियाना इंसान के जीवन में मां-बाप की बातों की अहमियत तब याद आती है जब आप मां-बाप बनते हैं और प्रत्येक जिम्मेदारी को निभाते हुए...


नियमों से बेलगाम सोच पर लगता है अंकुश : गुरुदेव अचल मुनि
पंजाब - लुधियाना : शिवपुरी जैन स्थानक में विराजमान गुरुदेव अचल मुनि म. ठाणे-5 ने आए हुए सैंकड़ों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए फरमाया कि...


जैन मंदिरों में चोरी करने वाले गिरोह के पांच बदमाश गिरफ्तार
उदयपुर :- सायरा थाना पुलिस ने जैन मंदिरों में हो रही चोरियों के गिरोह का पर्दाफाश कर बड़ा खुलासा किया है। गिरफ्तार हुए पांच आरोपियों ने...


मुमुक्षु सोनू रांका के बहुमान में वरघोड़ा
राजस्थान - ब्यावर : शहर के निकटवर्ती ग्राम सारोठा में सोमवार को मुमुक्षु सोनू रांका का वरघोड़ा हजारों लोगो की उपस्थिति में ढोल व बैंड की...
आज तीन हजार जैन समाजजन एक साथ करेंगे आयंबिल तप
मध्य प्रदेश - रतलाम मूक जीवों की आत्मशांति के लिए सोमवार (बकरीद) को तीन हजार जैन समाजजन एक ही स्थान पर आयंबिल तप करेंगे। इसके लिए पास...
राम का आदर्श, कृष्ण का लक्ष्य और महावीर का तप जिसने जीवन में उतारा, वही सच्चा जैन है
बुरहानपुर | इंदिरा कॉलोनी स्थित स्व. परमानंद गोविंदजीवाला ऑटोडोरियम में पहली बार भक्तामर स्तोत्र भारती मंत्रानुष्ठान और गुरु उपकार...


संयम के बिना जीवन अधूरा : जैन मुनि हितेशचंद्र विजय
कोयम्बत्तूर. जैन मुनि हितेशचंद्र विजय ने कहा कि जो धर्म की रक्षा करता है धर्म स्वयं उसकी रक्षा करता है। जो जीवों के प्रति प्रेम वात्सल्य,...


दया के अभाव में त्याग तप निरर्थक : आचार्य विजय रत्नसेन सूरीश्वर
कोयम्बत्तूऱ. दुखी प्राणियों पर करुणा करना दया है। जिस प्रकार मूल के बिना वृक्ष टिक नहीं सकता। उसी प्रकार दया के बिना धर्म रूपी कल्प...
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