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समीक्षा दीदी बनी श्लोकनिधि जी महाराज साहेब !

जैन दीक्षा | Jain Diksha
जैन दीक्षा | Jain Diksha

जैन दीक्षा

रजोहरण प्रदाता व दीक्षा दाता : गणिवर्य प.पू श्री धैर्यसुंदरविजय जी म.सा 
पावन व आनन्दकारी निश्रा : मुनि श्री निर्मोहसुंदरविजयजी,हर्षसुंदरविजयजी,परमसुंदरविजयजी म.सा

जिनशासनरत्ना विदुषी साध्वी धैर्यनिधि श्री जी म.सा. आदि ठाणा 5 की उपस्थिति में पल्लीवालों की पुण्य नगरी नदबई श्री संघ में समीक्षा बहिन की दीक्षा सआनन्द संपन्न हुई !

यह वीडियो अवश्य देखे और इससे शेयर करना न भूले ! जैन धर्म को फैलाना का मौका प्राप्त होना भी एक बहुत बड़े पुनिया का उदय है !

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